ढाका/नई दिल्ली: बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। साल 2026 के संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है, जिसके बाद पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।
17 साल तक लंदन में निर्वासन काटने के बाद बांग्लादेश लौटे रहमान का स्वागत समर्थकों ने भारी भीड़ के साथ किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी तारिक रहमान को फोन कर चुनाव में मिली बड़ी जीत के लिए बधाई दी है।
‘डार्क प्रिंस’ की 5 ताकतें, जिन्होंने बदली सत्ता की बाजी
राजनीतिक गलियारों में ‘डार्क प्रिंस’ के नाम से मशहूर तारिक रहमान ने इन मुख्य स्तंभों के दम पर अवामी लीग के वर्चस्व को खत्म किया:
- अभेद्य राजनीतिक विरासत: पूर्व राष्ट्रपति जिया उर रहमान और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे होने के नाते, उन्हें संगठन का निर्विवाद नेतृत्व विरासत में मिला, जिसे उन्होंने मजबूत किया।
- संगठन पर धाक: 2001-2006 के बीच बिना किसी सरकारी पद के भी वे पार्टी के सबसे प्रभावशाली रणनीतिकार रहे।
- लंदन से ‘रिमोट कंट्रोल’ शासन: 2008 में देश छोड़ने के बावजूद, उन्होंने तकनीकी साधनों के जरिए लंदन से ही पार्टी की कमान संभाली और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखा।
- लोकप्रियता का परीक्षण: बिना सांसद रहे पार्टी चलाने वाले रहमान ने इस बार ढाका-17 और बोगरा-6 सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर ही रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की।
- विवादों से वापसी: अवामी लीग सरकार द्वारा लगाए गए करप्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करते हुए, उन्होंने खुद को ‘राजनीतिक उत्पीड़न’ का शिकार बताया और जनता का समर्थन हासिल किया।
अब आगे क्या?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, तारिक रहमान 14 फरवरी (शनिवार) को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। अवामी लीग की गैर-मौजूदगी में हुए इस चुनाव के बाद, अब नई सरकार के सामने देश की चरमराई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की सबसे बड़ी चुनौती होगी।









