साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से काफी दिलचस्प माना जा रहा है। इस वर्ष एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण पहले ही देखे जा चुके हैं। अब वैज्ञानिकों और आकाश प्रेमियों की नजर अगस्त में लगने वाले साल के दूसरे और अंतिम चंद्र ग्रहण पर टिकी हुई है। यह ग्रहण अपनी खास दृश्यता और चंद्रमा के लाल रंग के कारण बेहद आकर्षक माना जा रहा है।
इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा का रंग गहरा लाल दिखाई देगा, जिसे आम तौर पर “ब्लड मून” कहा जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर मुड़ती हैं और चंद्रमा की सतह तक पहुंचती हैं। इस प्रक्रिया में नीली रोशनी बिखर जाती है और लाल रंग की रोशनी चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे उसका रंग तांबे जैसा लाल दिखाई देने लगता है।
यह चंद्र ग्रहण 27 और 28 अगस्त 2026 की रात को लगेगा। अंतरराष्ट्रीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत 01:23 UTC पर होगी। इसका चरम दृश्य 04:41 UTC पर देखने को मिलेगा, जबकि ग्रहण 07:02 UTC पर समाप्त हो जाएगा। भारतीय समय के अनुसार यह घटना सुबह से दोपहर तक के बीच घटित होगी।
हालांकि यह दृश्य दुनिया के कई हिस्सों में साफ दिखाई देगा, लेकिन भारत में इसे देख पाना संभव नहीं होगा। ग्रहण के समय यहां दिन का उजाला रहेगा, जिससे चंद्रमा दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब ग्रहण भारत में नजर नहीं आता, तब उससे संबंधित सूतक काल भी मान्य नहीं होता।
वैज्ञानिकों के अनुसार यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन इसमें पृथ्वी की छाया चंद्रमा के लगभग 93 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगी। यही कारण है कि यह लगभग पूर्ण ग्रहण जैसा प्रभाव पैदा करेगा। उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका तथा प्रशांत और अटलांटिक महासागर के कई क्षेत्रों में लोग इस दुर्लभ खगोलीय दृश्य का आनंद ले सकेंगे।









