इंदौर, 10 सितंबर 2025।
मध्य प्रदेश में 183 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी घोटाले को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने इंदौर स्थित तीर्थ गोपीकॉन कंपनी के प्रबंध निदेशक महेश कुंभानी और गौरव धाकड़ नामक एक निजी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने एमपी जल निगम लिमिटेड (MPJNL) को फर्जी बैंक गारंटी जमा कराकर सिंचाई परियोजनाओं के ठेके हासिल किए।
कैसे हुआ घोटाला
सीबीआई के मुताबिक, साल 2023 में छतरपुर, सागर और डिंडोरी जिलों में 974 करोड़ रुपये की तीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए निविदाएं जारी की गई थीं। आरोपियों की कंपनी ने इन प्रोजेक्ट्स को हासिल करने के लिए 183.21 करोड़ रुपये की आठ फर्जी बैंक गारंटी जमा कीं। इन नकली गारंटियों के आधार पर कंपनी को करीब 85 करोड़ रुपये का अग्रिम मोबिलाइज़ेशन फंड भी मिल गया था।
सिंडिकेट का खुलासा
जांच के दौरान सीबीआई ने खुलासा किया कि कोलकाता में एक संगठित सिंडिकेट कंपनियों को सरकारी ठेके दिलाने के लिए फर्जी बैंक गारंटी उपलब्ध कराता था। यही सिंडिकेट इस मामले में भी शामिल पाया गया। एजेंसी ने यह भी बताया कि एमपी जल निगम लिमिटेड को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के फर्जी डोमेन से ईमेल भेजे गए, जिनमें बैंक गारंटी की प्रामाणिकता की झूठी पुष्टि दी गई थी। इन्हीं फर्जी पुष्टियों पर भरोसा करके एमपीजेएनएल ने आरोपियों की कंपनी को करोड़ों के ठेके दे दिए।
पहले भी हो चुकी गिरफ्तारी
इससे पहले जून 2025 में इसी मामले में सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक गोविंद चंद्र हांसदा और कोलकाता निवासी मोहम्मद फिरोज खान को भी गिरफ्तार किया था।









