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कैश कांड: सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका खारिज की, हटाने की प्रक्रिया जारी

कैश कांड मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी की वैधता चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद जस्टिस वर्मा के खिलाफ हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।

जस्टिस वर्मा ने अपनी याचिका में दावा किया था कि लोकसभा अध्यक्ष ने Judges (Inquiry) Act, 1968 की प्रक्रिया का पालन किए बिना कमेटी गठित की। उनका तर्क था कि राज्यसभा सभापति से परामर्श किए बिना समिति बनाई गई, जबकि महाभियोग नोटिस दोनों सदनों में पेश किया गया था।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि समिति के गठन में प्रक्रियात्मक खामियां हैं, लेकिन अदालत ने यह भी देखा कि क्या ये खामियां इतनी गंभीर हैं कि न्यायपालिका को दखल देना चाहिए। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जस्टिस वर्मा ने राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन के प्रस्ताव को चुनौती नहीं दी। चूंकि लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति दोनों ने प्रस्ताव पास नहीं किया, इसलिए संयुक्त समिति का गठन संभव नहीं था। इस फैसले के बाद जस्टिस वर्मा को समिति के सामने पेश होना होगा और हटाने की प्रक्रिया कानूनी रूप से जारी रहेगी। अदालत ने साफ किया कि समिति का गठन वैधानिक है और प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी।