वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 की शुरुआत माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास जयंती के संदर्भ से करते हुए कहा कि यह बजट देश के लिए शुभ अवसरों के बीच पेश किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार के निर्णय हमेशा आम जनता के हित को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। सरकार की लगातार आर्थिक सुधार नीतियों के चलते देश ने 7 प्रतिशत की मजबूत विकास दर हासिल की है और भारत अब ‘विकसित भारत’ की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। बजट में जलमार्गों को विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवेज बनाए जाएंगे, ओडिशा में नेशनल वाटरवे विकसित होगा और वाराणसी व पटना में शिप रिपेयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
MSME सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ का ग्रोथ फंड रखा गया है। टेक्सटाइल क्षेत्र में नेशनल फाइबर, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और टेक्स इको इनिशिएटिव जैसी कई योजनाओं का ऐलान हुआ। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज जैसी योजनाओं से ग्रामीण उद्योग और युवाओं को मजबूती मिलेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार का फोकस गैर-संचारी बीमारियों की रोकथाम, स्क्रीनिंग और शुरुआती इलाज पर रहेगा। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और उच्च तकनीक उपकरण निर्माण के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में देश में सात हाई‑स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की योजना की घोषणा की। इन कॉरिडोरों का उद्देश्य देश के प्रमुख शहरों को तेजी से जोड़ना है। दिल्ली-वाराणसी सहित सात हाई‑स्पीड रेल मार्ग विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही बनारस और पटना में शिप रिपेयर सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।
दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी रूट पर भी हाई‑स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण होगा। अगले पांच वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का ऐलान किया, जिससे बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को और गति मिलेगी।









