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बजट 2026: रक्षा बजट में इस बार 20% तक की बढ़ोतरी संभव, नई घोषणाओं की उम्मीद

बजट 2026 में भारत के रक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव और निवेश की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों और उद्योग निकायों के अनुसार, रक्षा बजट इस बार 20% तक बढ़ सकता है, जिससे कुल आवंटन 7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.5 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है। खासकर नए हथियारों, विमानों और आधुनिक तकनीक पर खर्च बढ़ने की संभावना है।

इस बार का फोकस मुख्य रूप से स्वदेशी उत्पादन (Indigenisation) और तकनीक पर रहेगा। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और फाइटर जेट्स के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंड रखा जा सकता है। भारतीय वायु सेना के फाइटर स्क्वाड्रनों की कमी को पूरा करने के लिए ‘तेजस Mk1A’ और फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल विमानों के सौदे को गति देने के लिए शुरुआती बजट आवंटन हो सकता है। इसके साथ ही, सुखोई-30 MKI विमानों के आधुनिकीकरण के लिए भी विशेष राशि आवंटित की जा सकती है।

नई घोषणाओं में ‘ईस्टर्न डिफेंस कॉरिडोर’ का निर्माण भी शामिल हो सकता है। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के बाद, पूर्वी भारत के औद्योगिक केंद्रों को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा जाएगा। भविष्य की युद्ध तकनीक के लिए AI और ऑटोनॉमस हथियारों पर भी जोर रहेगा। ‘नेशनल डिफेंस एआई मिशन’ और विशेष PLI स्कीम के तहत ड्रोन तकनीक, साइबर सुरक्षा और नेटवर्क-केंद्रित ऑपरेशन्स को मजबूत करने पर निवेश बढ़ाया जाएगा।

इसके अलावा, DRDO के लिए अतिरिक्त 10,000 करोड़ रुपये की मांग है, जबकि स्टार्टअप्स और MSMEs को समर्थन देने वाली योजनाओं जैसे ‘iDEX’ के तहत वित्तीय सहायता दोगुनी करने की संभावना है। इस बजट से न सिर्फ भारत की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि स्वदेशी रक्षा उद्योग को भी नई उड़ान मिलेगी।