बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में नए मेयर के चयन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट के बीच मेयर पद को लेकर विरोधाभास बना हुआ है। शिंदे गुट का कहना है कि मेयर उनकी पार्टी का होना चाहिए, जबकि बीजेपी पद छोड़ने को तैयार नहीं है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री शिंदे की बैठक में अंतिम निर्णय होने की संभावना है।
बीजेपी के भीतर कई नामों पर लॉबिंग जारी है। घाटकोपर की रितू तावडे, बांद्रा की स्वप्ना विरेंद्र म्हात्रे और राणी द्विवेदी-निघुट प्रमुख दावेदार हैं। तावडे मराठा समुदाय से, जबकि निघुट और म्हात्रे ओबीसी वर्ग से हैं। पार्टी का कहना है कि जातिगत राजनीति पर ध्यान दिए बिना मेयर का चयन किया जाएगा।
शिवसेना को मेयर न मिलने की स्थिति में डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी का पद मिल सकता है। डिप्टी मेयर के लिए समृद्धि काते और शैला लांडे के नाम चर्चा में हैं। पिछले 25 साल में मेयर पद शिवसेना के पास रहा है, जबकि डिप्टी मेयर बीजेपी के पास था। नगरसेवकों के रजिस्ट्रेशन के कारण चुनाव फरवरी में होने की संभावना है। मेयर और अन्य प्रमुख पदों पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री फडणवीस करेंगे।









