Bihar

बिहार में भ्रमण के लिए सरकार जल्द शुरू करेगी ‘हेली टूरिज्म सेवा’

बिहार सरकार जल्द ही हेली टूरिज्म सेवा शुरू करने जा रही है, जिससे पर्यटक राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों तक तेजी और आराम से पहुंच सकेंगे। इस पहल से बोधगया, नालंदा, राजगीर और विक्रमशिला सहित आठ प्रमुख पर्यटन स्थलों की हवाई कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। लंबी सड़क यात्राओं और ट्रेन कनेक्टिविटी की सीमाओं को देखते हुए यह सेवा शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य यात्रा को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाना है। विशेष रूप से बुजुर्ग, विदेशी पर्यटक और वीआईपी यात्री इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

हेली टूरिज्म सेवा के तहत ये प्रमुख स्थल कनेक्ट होंगे:

  1. बोधगया – बुद्ध धर्म का पवित्र स्थल
  2. नालंदा – प्राचीन विश्वविद्यालय
  3. वैशाली – ऐतिहासिक संघस्थान
  4. राजगीर – प्रकृति और संस्कृति का संगम
  5. पटना साहिब – सिख धर्म का प्रमुख तीर्थ
  6. पावापुरी – जैन धर्म का पवित्र स्थल
  7. वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व – वन्य जीवन और रोमांच
  8. विक्रमशिला विश्वविद्यालय – बौद्ध शिक्षा की अनूठी पहचान

सड़क मार्ग पर घंटों लगने वाली यात्रा अब सिर्फ कुछ मिनटों में पूरी होगी। इससे पर्यटक एक ही दिन में कई स्थलों का भ्रमण कर पाएंगे। बुजुर्ग और विदेशी यात्री थकावट और कठिन रास्तों से मुक्त होंगे। केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग ने इस परियोजना के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी कर दिया है। चुनी गई कंपनियों के साथ पांच साल के अनुबंध होंगे। नई हेलीपैड्स, सुरक्षा और बुनियादी ढांचा भी विकसित किया जाएगा, जिससे छोटे शहरों और पर्यटन स्थलों तक हवाई पहुंच बढ़ेगी।

हेली टूरिज्म से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यवसाय, होटल, रेस्टोरेंट और मार्गदर्शकों को भी लाभ होगा। इसके अलावा हेलीकॉप्टर कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और परिचालन स्टाफ के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हेली टूरिज्म सफलतापूर्वक लागू हो गया, तो बिहार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। यह सेवा यात्रा को तेज और आरामदायक बनाने के साथ राज्य के पर्यटन उद्योग को भी एक नया रूप देगी।