बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है, लेकिन एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर अभी मंथन जारी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के बीच तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हैं, वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 45 से 54 सीटों पर दावेदारी ठोक दी है. एलजेपी (आर) सूत्रों के अनुसार, पार्टी राज्यसभा या विधान परिषद की सीटों में नहीं, बल्कि विधानसभा में मजबूत हिस्सेदारी चाहती है.
सूत्रों ने बताया कि चिराग पासवान शाहाबाद क्षेत्र की किसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी से गठबंधन पर पूछे गए सवाल पर एलजेपी (आर) का रुख लचीला नजर आया. उन्होंने कहा कि राजनीति में विकल्प हमेशा खुले रहते हैं. बीजेपी और जेडीयू के सौ-सौ सीटों पर लड़ने की चर्चाओं पर एलजेपी (आर) का कहना है कि इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और फिलहाल उनकी बातचीत सिर्फ भाजपा से हो रही है.
एलजेपी (आर) का यह भी मानना है कि तेजस्वी यादव के मुकाबले चिराग पासवान एक प्रभावशाली और युवा चेहरा हैं, जिसे एनडीए को स्वीकारना चाहिए. पार्टी ने यह भी साफ किया कि वे कैबिनेट में पद की अपेक्षा नहीं रखते, बल्कि उन्हें बिहार में सम्मानजनक सीटों की हिस्सेदारी चाहिए. 2020 के चुनावों के अनुभव के आधार पर एलजेपी (आर) की राय है कि सीटों की संख्या 43 से 137 के बीच रहनी चाहिए. पार्टी के प्रवक्ता ने दावा किया कि उनकी तैयारी सभी 243 सीटों पर है.









