बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने एनडीए प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगा और विपक्षी महागठबंधन पर तीखा हमला बोला।
सभा की शुरुआत में शाह ने कहा, “मैं बाबा गरीबनाथ धाम को प्रमाण कर अपने भाषण की शुरुआत करता हूं। छह नवंबर को बिहार की जनता एनडीए को जिताने का संकल्प ले।” उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए के प्रत्याशी सिर्फ विधायक या मंत्री बनने के लिए नहीं, बल्कि राज्य को जंगलराज से मुक्त रखने के लिए मैदान में हैं।
‘जंगलराज फिर से लौटने की साजिश’
अमित शाह ने कहा कि लालू-राबड़ी राज के 15 वर्षों में बिहार ने भारी पतन झेला था, और अब वही जंगलराज नए रूप में लौटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “अगर मुजफ्फरपुर वाले प्रण लें कि एनडीए को जिताना है, तो जंगलराज को कोई नहीं लौटा सकता।”
‘मोदी-नीतीश की जोड़ी ने बदला बिहार’
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार को विकास की नई दिशा दी है। उन्होंने कहा, “बिहार को एम्स, एयरपोर्ट, मेट्रो और पावरप्लांट जैसी सौगातें मिली हैं। जंगलराज से विकासराज तक का सफर मोदी-नीतीश की सरकार ने तय किया है।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में मुजफ्फरपुर की लीची आज देश-दुनिया में अपनी मिठास फैला रही है, जो पहले संभव नहीं था।
‘लालू के बेटे आए तो खुलेंगे तीन मंत्रालय’
अमित शाह ने कहा, “अगर लालू के बेटे तेजस्वी यादव सीएम बने तो बिहार में तीन नए मंत्रालय खुलेंगे — अपहरण मंत्रालय, रंगदारी मंत्रालय और हत्या को बढ़ावा देने वाला मंत्रालय।”
उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार बनने पर बाढ़ मुक्त बिहार के लिए विशेष मंत्रालय बनाया जाएगा।
‘पीएम और सीएम की कुर्सी खाली नहीं’
महागठबंधन नेताओं पर निशाना साधते हुए शाह बोले, “लालू प्रसाद यादव को अपने बेटे तेजस्वी की चिंता है, सोनिया गांधी को राहुल की। लेकिन मैं दोनों को बता दूं — वहां पीएम की सीट मोदी जी की है, और यहां सीएम की सीट नीतीश जी की। बिहार में कोई सीट खाली नहीं है।”
अमित शाह ने दावा किया कि बिहार की जनता एक बार फिर एनडीए की सरकार बनाने जा रही है, और महागठबंधन को इस बार करारी हार मिलेगी।









