पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा चिंताओं के बीच भारत को बड़ी राहत मिली है। दो भारतीय पोत शनिवार को 47,000 मीट्रिक टन तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर गुजरात के वाडिनार टर्मिनल पहुंच गए। इनमें प्रमुख पोत MT Jag Vasant है, जो अपना कार्गो एंकरज पर दूसरे जहाज में Ship-to-Ship (STS) ऑपरेशन के जरिए ट्रांसफर करेगा।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन जहाजों के मार्ग पर स्टैंडबाय पर रहे और आवश्यक होने पर तुरंत सहायता देने के लिए तैयार थे। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में ऐसे और पोत भी भारत पहुंच सकते हैं, जो देश की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद करेंगे।
पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में किसी भारतीय जहाज या नाविक से संबंधित कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। उन्होंने यह भी बताया कि फारस की खाड़ी में लगभग 20 भारतीय ध्वज वाले जहाज संचालित हो रहे हैं, जिन पर करीब 540 भारतीय नागरिक सवार हैं और सभी सुरक्षित हैं।
सरकार ने यह स्पष्ट किया कि DG Shipping का 24×7 कम्युनिकेशन सेंटर लगातार काम कर रहा है। पिछले एक दिन में इसे 98 कॉल और 335 ईमेल प्राप्त हुए, जिनका तुरंत जवाब दिया गया। इससे पहले भारत ने फिर जोर देकर कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए, क्योंकि यह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में स्थिति पर सतर्क नजर रखे हुए है और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ निरंतर समन्वय कर रहा है।









