सरकार ने औद्योगिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के लिए एक अहम निर्णय लेते हुए गैर-घरेलू थोक LPG आपूर्ति में आंशिक राहत प्रदान की है। नए प्रावधान के तहत, उद्योगों को मार्च से पहले की उनकी कुल मांग का 70 प्रतिशत तक LPG उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, यह आपूर्ति प्रतिदिन 200 टन की अधिकतम सीमा के भीतर ही होगी।
इस फैसले का सीधा लाभ कई प्रमुख उद्योगों को मिलेगा, जिनमें फार्मास्यूटिकल, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि, स्टील, धातु, पेंट, पैकेजिंग, कांच, सिरेमिक और एयरोसोल निर्माण जैसे सेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा फाउंड्री और फोर्जिंग इकाइयों को भी इस राहत से उत्पादन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकार ने उर्वरक उद्योग के लिए भी सकारात्मक कदम उठाया है। प्राकृतिक गैस का आवंटन बढ़ाकर 90 प्रतिशत से 95 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे खाद उत्पादन पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, प्राथमिकता उन इकाइयों को दी जाएगी जिनकी ऊर्जा आवश्यकताएं प्राकृतिक गैस से पूरी नहीं हो सकतीं। साथ ही, उद्योगों को तेल विपणन कंपनियों के साथ पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा और उन्हें पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा।
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण LPG आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसके चलते पहले औद्योगिक LPG की उपलब्धता को घटाकर 20 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया था। अब नई व्यवस्था से उद्योगों को राहत मिलने के साथ-साथ उत्पादन गतिविधियों में स्थिरता आने की उम्मीद है।









