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डिलीवरी बॉयज को बड़ी राहत: अब पेंशन और बीमा के दायरे में आएंगे गिग वर्कर्स

केंद्र सरकार जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले डिलीवरी बॉयज को सामाजिक सुरक्षा देने की तैयारी कर रही है। नए सरकारी प्रस्ताव के तहत गिग वर्कर्स को पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और अन्य सरकारी लाभ दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ वही श्रमिक उठा सकेंगे, जिन्होंने किसी प्लेटफॉर्म के लिए साल में कम से कम 90 दिन काम किया हो। सरकार का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों युवाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

इसके लिए एक अलग सामाजिक सुरक्षा फंड बनाने की योजना है, जिसमें एग्रीगेटर कंपनियों को योगदान देना होगा। प्रस्ताव के अनुसार कंपनियों को अपने सालाना टर्नओवर का 1 से 2 प्रतिशत इस फंड में जमा करना अनिवार्य होगा। वर्तमान में देश में करीब 80 लाख से 1 करोड़ लोग गिग इकोनॉमी से जुड़े हुए हैं। अब तक कंपनियां इन्हें कर्मचारी नहीं, बल्कि ‘पार्टनर’ मानती थीं, जिसके कारण ये पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं से वंचित थे।

नई योजना के तहत सभी गिग वर्कर्स का ई-श्रम पोर्टल या किसी अन्य सरकारी डेटाबेस पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। पंजीकरण के बाद ही वे पेंशन और बीमा जैसी सुविधाओं के पात्र माने जाएंगे। सरकार के इस कदम को गिग वर्कर्स के लिए एक बड़ी राहत और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।