सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक के अटके हुए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़ी एक अहम दिशा तय कर दी है। अदालत ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के फैसले को बरकरार रखते हुए NBCC को सुपरटेक के 16 प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने की अनुमति दे दी है। इस निर्णय से करीब 50 हजार घर खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।
फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब कोई भी हाईकोर्ट या अन्य अदालत इन प्रोजेक्ट्स पर रोक नहीं लगा सकती। इससे अटके हुए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। कोर्ट ने NBCC को निर्देश दिया है कि वह सर्वोच्च समिति द्वारा तय की गई समयसीमा के भीतर इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर में अटके प्रोजेक्ट्स के समाधान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। NBCC की निगरानी में प्रोजेक्ट्स की समय पर और पारदर्शी रूप से प्रगति सुनिश्चित होने की संभावना बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय न केवल कानूनी स्पष्टता देता है, बल्कि घर खरीदारों और निवेशकों के विश्वास को भी मजबूत करता है।
सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद NBCC की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। अब यह सरकारी एजेंसी प्रोजेक्ट्स की देखरेख, निर्माण और समय पर पूरा होने की जिम्मेदारी संभालेगी। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी तरह की कानूनी अड़चन प्रोजेक्ट्स की प्रगति को प्रभावित नहीं कर पाए। इस फैसले से सुपरटेक के घर खरीदारों को उनकी प्रतीक्षित संपत्तियों के लिए उम्मीद की नई किरण मिल गई है। NBCC के हस्तक्षेप से परियोजनाओं की स्थिति में स्थिरता आने और उन्हें समय पर पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है।









