बारामती के पास हाल ही में हुए Learjet क्रैश में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत ने विमान सुरक्षा पर नई चिंता खड़ी कर दी है। यूरोपियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) की रिपोर्ट से पता चला है कि हादसे का मूल कारण VSR वेंचर्स की लगातार लापरवाही और नियामक प्रक्रिया की अनदेखी हो सकती है।
EASA ने साल पहले ही VSR वेंचर्स का थर्ड कंट्री ऑपरेटर (TCO) ऑथराइजेशन सस्पेंड कर दिया था। एजेंसी ने सुरक्षा दस्तावेज और एक्सीडेंट डिटेल्स न देने पर इसे “लेवल 1” फाइंडिंग दी थी, जो सबसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जाता है। इसका मतलब है कि ऑपरेटर ने न केवल सुरक्षा जोखिम को नजरअंदाज किया, बल्कि नियामक जांच में सहयोग भी नहीं किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, VSR ने सितंबर 2023 में मुंबई में हुए Learjet 45 हादसे की जानकारी EASA को नहीं दी। कई बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद कंपनी ने अपनी सुरक्षा रिकॉर्ड्स, इंटरनल जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की जानकारी नहीं दी। बिना यह डेटा उपलब्ध कराए, EASA TCO की आवश्यकताओं के अनुरूप कंपनी का ऑडिट नहीं कर सकी।
EASA ने DGCA को भी इस सस्पेंशन की जानकारी दी थी, लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि भारतीय नियामक ने इस चेतावनी के बाद भी VSR को ऑपरेट करने की अनुमति क्यों दी।विशेषज्ञों का कहना है कि लेवल 1 फाइंडिंग वाले ऑपरेटर के साथ उड़ान जारी रखना गंभीर जोखिम है। यह हादसा न केवल कंपनी की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि नियामक निगरानी की अहमियत पर भी सवाल खड़ा करता है। अब पूरे देश की निगाह इस पर है कि DGCA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाती हैं।









