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बांग्लादेश में 17 नवंबर को शेख हसीना के खिलाफ आएगा ICT का ऐतिहासिक फैसला

बांग्लादेश अपने राजनीतिक इतिहास के सबसे संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, क्योंकि 17 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता विरोधी अपराधों के मामले में अपना फैसला सुनाएगा। हसीना पर छात्रों द्वारा आयोजित जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाने का आरोप है, जिनमें हिंसा और गोलाबारी के चलते कई लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र और देश के स्वास्थ्य अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान करीब 1,400 लोग मारे गए और हजारों घायल हुए।

अभियोजन पक्ष ने हसीना के लिए फांसी की सजा की मांग की है। ICT के मुख्य अभियोजक ने कहा कि हसीना को 1,400 मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, हालांकि यह मानवीय दृष्टि से संभव नहीं, इसलिए कम से कम एक सजा की मांग की गई है। हसीना और उनके सहयोगियों पर मुकदमा उनकी अनुपस्थिति में चलाया गया क्योंकि उन्हें अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है। इस मामले में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और तत्कालीन पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर भी अभियोग चल रहा है।

देश में माहौल अत्यंत तनावपूर्ण है। ढाका और अन्य प्रमुख शहरों में सुरक्षा बल और अवामी लीग समर्थकों के बीच कई टकराव हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर विरोध और आह्वान जारी हैं, जिससे स्थिति और विस्फोटक बनी हुई है। अंतरिम सरकार ने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया है और पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

इस फैसले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि यह है कि ICT की स्थापना 2009 में हसीना के नेतृत्व में 1971 के युद्ध अपराधों की जांच के लिए की गई थी। अब वही अदालत उन पर मुकदमा चला रही है। छात्रों द्वारा शुरू किए गए आंदोलन ने सत्ता परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे बांग्लादेश का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया। 17 नवंबर को न्यायालय का निर्णय देश के राजनीतिक भविष्य के लिए निर्णायक होगा।