ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश में 2024 के बड़े जनआंदोलन के बाद पहली बार हुए राष्ट्रीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बड़ी जीत मिलती नजर आ रही है। शुरुआती रुझानों और घोषित परिणामों के अनुसार, BNP दो-तिहाई बहुमत की ओर बढ़ रही है, जबकि जमात-ए-इस्लामी को अपेक्षा से कम समर्थन मिला है।
BNP के चेयरपर्सन तारिक़ रहमान ने 13वें संसदीय चुनाव में जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता ने बदलाव और नई राजनीतिक दिशा के लिए उनकी पार्टी पर भरोसा जताया है। उन्होंने ढाका-17 और बोगुरा-6 सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों पर जीत दर्ज की है।
यह चुनाव अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की देखरेख में 12 फरवरी को संपन्न हुआ। बांग्लादेश के नागरिकों ने इस बार दो मुद्दों पर मतदान किया—नई संसद के गठन के लिए प्रतिनिधि चुनना और संविधान में प्रस्तावित बदलावों, जिन्हें ‘जुलाई चार्टर’ कहा जा रहा है, पर अपनी राय देना।
गौरतलब है कि पूर्व सत्ताधारी अवामी लीग इस चुनाव में शामिल नहीं हुई। पार्टी को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिली थी, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो इस समय देश से बाहर हैं, ने चुनाव प्रक्रिया को ‘दिखावा’ करार दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव के परिणाम बांग्लादेश की राजनीतिक दिशा, शासन व्यवस्था और संवैधानिक ढांचे पर दूरगामी असर डाल सकते हैं। आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा कि नई संसद और संभावित संवैधानिक बदलाव देश की राजनीति को किस दिशा में ले जाते हैं।









