समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान आखिरकार 23 महीने बाद सीतापुर जेल से रिहा हो गए. उन पर कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 72 मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है. रिहाई के समय जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी रही, जो इस क्षण को एक बड़ी जीत के रूप में मना रही थी.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कोर्ट का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और न्याय मिला. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में आज़म खान पर लगाए गए झूठे केस खत्म होंगे. अखिलेश ने कहा कि जैसे मौजूदा सरकार में सीएम और डिप्टी सीएम ने अपने केस वापस लिए, वैसे ही समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आज़म खान पर लगे केस भी वापस होंगे.
बसपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए शिवपाल यादव ने साफ कहा कि आज़म खान सपा के साथ हैं और रहेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें जानबूझकर झूठे मुकदमों में फंसाया, लेकिन कोर्ट से लगातार राहत मिल रही है. सपा सांसद रूचि वीरा ने आज़म खान की रिहाई को “सच की जीत” करार दिया और कहा कि यह आज़ाद भारत में अभूतपूर्व अन्याय का उदाहरण रहा है. आजम खान की रिहाई के बाद सपा खेमे में उत्साह है और माना जा रहा है कि पार्टी अब उनके साथ मिलकर आगामी राजनीतिक रणनीति पर काम करेगी.









