लोकसभा में सांसदों की उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक जहां संसद भवन के भीतर कहीं से भी हाजिरी लग जाती थी, वहीं अब यह सुविधा सिर्फ लोकसभा कक्ष में तय की गई सीट से ही मिलेगी। यानी अगर कोई सांसद लॉबी, गलियारे या हॉल में मौजूद है, तो उसकी उपस्थिति दर्ज नहीं मानी जाएगी। यह नई व्यवस्था 28 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र से लागू होगी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संसद को अधिक गंभीर, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए यह कदम जरूरी है। उनका मानना है कि हाजिरी केवल इमारत में मौजूद रहने का प्रमाण नहीं, बल्कि सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी का संकेत होनी चाहिए।
नई प्रणाली के तहत लोकसभा कक्ष में हर सांसद की सीट पर पहले से लगे डिजिटल कंसोल के माध्यम से ही उपस्थिति दर्ज होगी। सदन चल रहा हो तभी हाजिरी संभव होगी। यदि कार्यवाही स्थगित है या हंगामे के कारण सदन नहीं चल पा रहा, तो उस दौरान अटेंडेंस दर्ज नहीं की जा सकेगी। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सांसद वास्तव में कार्यवाही में शामिल हो रहा है और कौन नहीं।
स्पीकर ने यह भी बताया कि संसद और देशभर की विधानसभाओं में नियमों और कार्यप्रणाली में समानता लाने के लिए एक समिति बनाई गई है। इसका उद्देश्य सभी विधायी निकायों में बेहतर मानक तय करना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है, ताकि कानून बनाने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो सके।
ओम बिरला ने जोर देकर कहा कि जवाबदेह, पारदर्शी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप काम करने वाली विधायिकाएं ही लोकतंत्र की मजबूती की असली नींव होती हैं। नया अटेंडेंस सिस्टम उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









