अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में नासा एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत इस महीने चंद्रमा की यात्रा पर जाने वाले वैज्ञानिक पहली बार अपने साथ iPhone लेकर जाएंगे। इन स्मार्टफोन्स की मदद से अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की तस्वीरें खींचेंगे, वीडियो रिकॉर्ड करेंगे और अपने अनुभवों को सीधे तौर पर दस्तावेज़ करेंगे।
नासा के अनुसार, ये iPhone वैज्ञानिकों को आधिकारिक रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वे अपने मिशन के खास पलों को सुरक्षित रख सकें और उन्हें परिवारों व दुनिया भर के लोगों के साथ साझा कर सकें। नासा के प्रशासक जैरेड आइज़ैकमैन ने सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले की जानकारी देते हुए इसे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक नया और उपयोगी टूल बताया। अब तक नासा के अंतरिक्ष यानों में किसी भी तरह के मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। यह पहली बार है जब किसी मिशन में स्मार्टफोन को आधिकारिक तौर पर शामिल किया जा रहा है। हालांकि फिलहाल यह सुविधा सिर्फ मून मिशन तक सीमित है, लेकिन भविष्य में अन्य डिवाइसों को भी मंजूरी मिल सकती है।
नासा की प्रवक्ता बेथनी स्टीवेन्स ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से कमर्शियल स्पेस फ्लाइट्स में सुरक्षित रूप से स्मार्टफोन का उपयोग किया जा रहा है। वहीं, जैरेड आइज़ैकमैन पहले भी एक कमर्शियल स्पेस फ्लाइट के दौरान स्मार्टफोन साथ ले जा चुके हैं, जिससे पारंपरिक नियमों में बदलाव की शुरुआत हुई। गौरतलब है कि अंतरिक्ष मिशनों में कमर्शियल उत्पादों का इस्तेमाल बेहद कम होता है, क्योंकि वहां सख्त परीक्षण मानकों का पालन करना पड़ता है। इससे पहले अपोलो मिशन में ओमेगा स्पीडमास्टर घड़ी को शामिल किया गया था। अब iPhone के साथ नासा एक बार फिर तकनीक और अंतरिक्ष के मेल का नया अध्याय लिखने जा रहा है।









