Himachal

त्योहारों से पहले एपीएल परिवारों को झटका, डिपो में घटा आटे का मासिक कोटा

हिमाचल प्रदेश में सरकारी डिपुओं से सस्ती दरों पर राशन लेने वाले परिवारों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। राज्य की हिमाचल प्रदेश सरकार ने गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) श्रेणी के राशनकार्ड धारकों के आटे के कोटे में कमी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों के घरेलू बजट पर असर पड़ने की संभावना है।

नई व्यवस्था के तहत एपीएल परिवारों को अब प्रति माह 14 किलो के बजाय 11 किलो आटा ही उपलब्ध कराया जाएगा। हाल के महीनों में यह दूसरी बार है जब इस श्रेणी के राशन में कटौती की गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति संतुलन और भंडारण प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर हैं। एपीएल श्रेणी को डिपुओं के माध्यम से 12 रुपये प्रति किलो की दर से आटा मिलता है, जो बाजार भाव की तुलना में काफी सस्ता है। ऐसे में कोटे में कमी होने से शेष जरूरत के लिए उपभोक्ताओं को खुले बाजार से अधिक कीमत पर आटा खरीदना पड़ सकता है।

हालांकि, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले लाभार्थियों के लिए राहत बरकरार रखी गई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत परिवारों को निर्धारित मात्रा में राशन पूर्ववत मिलता रहेगा। इनमें चावल और अन्य अनाज की आपूर्ति में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है।

खाद्य आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव फिलहाल केवल एपीएल श्रेणी के आटे तक सीमित है। दालें, खाद्य तेल, चीनी और नमक जैसी अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में कोई कटौती नहीं की गई है। विभाग ने डिपो संचालकों को समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और उपभोक्ताओं से निर्धारित अवधि में अपना राशन उठाने की अपील की है।