असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने अपने अभियान की रफ्तार तेज कर दी है। शुक्रवार को गोलपारा में आयोजित एक बड़ी जनसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आदिवासी कल्याण और घुसपैठ के मुद्दों को लेकर कई बड़े चुनावी वादे किए।
शाह ने कांग्रेस पर राज्य में घुसपैठियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो घुसपैठिए आदिवासी इलाकों में प्रवेश कर जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनने पर इन घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाएगा। शाह ने यह भी जोड़ा कि इसके लिए पार्टी को पांच साल का समय चाहिए।
आदिवासी समुदाय के हित में, शाह ने कहा कि राज्य के हर जिले में बड़ी डेयरी स्थापित की जाएगी। हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार ने आदिवासियों के लिए बजट को बढ़ाकर 1.38 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जबकि कांग्रेस के समय यह मात्र 25,000 करोड़ रुपये था। शाह ने यह भी याद दिलाया कि देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के नेतृत्व में बनीं।
जनसभा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 60 साल तक असम में अशांति और दंगों को बढ़ावा दिया, जबकि बीजेपी की सरकार ने राज्य में विकास और स्थिरता सुनिश्चित की। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने जमीन हड़प कर घुसपैठियों को दी। असम विधानसभा की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होना है और मतगणना 4 मई को होगी।









