देश की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को भारत का पहला राष्ट्रीय IED डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का उद्घाटन किया। इस सिस्टम का विकास नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने किया है और इसे वर्चुअली NSG गारिसन, मानेसर से लॉन्च किया गया।
अमित शाह ने कहा कि NIDMS आतंकवाद और उग्रवादी गतिविधियों से निपटने में एक बड़ा कदम है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर में बिखरे हुए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से जुड़े डेटा को एक ही स्थान पर केंद्रीकृत किया जाएगा। इससे जांच एजेंसियों को आतंकवादी घटनाओं के पैटर्न समझने, आपसी लिंक पहचानने और त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे ‘वन नेशन, वन डेटा टेरिटरी’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
एनएसजी के डायरेक्टर जनरल ब्रिघु श्रीनिवासन ने बताया कि पिछले 11 महीनों में अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से इस प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है। यह सुरक्षित डिजिटल सिस्टम राज्य पुलिस, केंद्रीय बल और अन्य एजेंसियों को रियल-टाइम जानकारी साझा करने में सक्षम बनाता है।
गृह मंत्री ने एनएसजी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी 24×7 सक्रियता और उच्च स्तर के प्रशिक्षण ने भारत को हर तरह के आतंकी खतरे से निपटने में सक्षम बनाया है। उन्होंने यह भी बताया कि NIDMS न केवल वर्तमान हमलों की जांच में मदद करेगा, बल्कि भविष्य में संभावित धमाकों की रोकथाम में भी अहम योगदान देगा।
इस पहल से देशभर में सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल मजबूत होगा और आतंकवाद निरोधक अभियानों की गुणवत्ता और गति दोनों में वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म भारत को IED आधारित खतरों से निपटने में एक नया मजबूत उपकरण प्रदान करेगा।









