मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के चलते देश में एलपीजी की आपूर्ति पर असर पड़ा है, लेकिन केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने श्रमिकों और जरूरतमंद लोगों के लिए 5 किलो के छोटे सिलेंडर को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। साथ ही, 21 मार्च से कमर्शियल एलपीजी की अतिरिक्त 50 प्रतिशत आपूर्ति राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराई जाएगी। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पिछले तीन हफ्तों में लगभग 35 लाख नए घरेलू और कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं। इससे लोगों में एलपीजी को लेकर घबराहट कम हुई है और रिटेल आउटलेट्स पर वितरण की स्थिति अब सामान्य हो रही है।
राज्यों को अतिरिक्त कमर्शियल गैस की आपूर्ति की गई है, जिसे रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, डेयरी यूनिट, फूड प्रोसेसिंग और सामुदायिक रसोई जैसी प्राथमिकताओं में इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष ध्यान प्रवासी मजदूरों और गरीब तबके पर दिया गया है। सरकार ने 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाकर यह सुनिश्चित किया है कि संकट के समय भी कोई जरूरतमंद खाना बनाने में परेशानी का सामना न करे।
अभी तक लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल एलपीजी का वितरण शुरू हो चुका है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 15,800 टन गैस वितरित की जा चुकी है, जिससे आपूर्ति की स्थिति सुधर रही है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि एलपीजी की सप्लाई बनी हुई है और वितरकों के पास पर्याप्त गैस उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार लगातार हो रहा है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।









