इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान टीवी समाचार चैनलों की रिपोर्टिंग को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को निर्देश दिया है कि न्यूज चैनलों की टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स (TRP) की रिपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल चार सप्ताह के लिए रोक दिया जाए। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष से जुड़ी खबरों की कवरेज में कुछ चैनल अत्यधिक सनसनीखेज प्रस्तुति और अपुष्ट जानकारी का सहारा ले रहे हैं। ऐसे माहौल में गलत या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई खबरें आम लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम पैदा कर सकती हैं। खासतौर पर उन परिवारों में चिंता बढ़ सकती है जिनके रिश्तेदार या परिचित प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं।
मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि मीडिया संस्थानों को संवेदनशील वैश्विक घटनाओं की रिपोर्टिंग करते समय जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखना चाहिए। TRP रिपोर्टिंग पर अस्थायी रोक का उद्देश्य भी यही है कि चैनलों के बीच दर्शकों की संख्या बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा के कारण खबरों को अतिरंजित तरीके से प्रस्तुत न किया जाए।
सरकार ने अपने आदेश में 16 जनवरी 2014 को जारी टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों से संबंधित नीति दिशा-निर्देशों का उल्लेख किया है। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार, रेटिंग एजेंसियों को मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों और नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। इसी प्रावधान के तहत BARC को न्यूज चैनलों की TRP रिपोर्टिंग फिलहाल स्थगित करने के लिए कहा गया है।
माना जा रहा है कि इस कदम का उद्देश्य मीडिया में जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय संकट से जुड़ी खबरों को अधिक संतुलित तरीके से प्रस्तुत करना है। चार सप्ताह की अवधि के बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी और आगे के निर्णय लिए जा सकते हैं।









