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वैश्विक तनाव के बीच एलपीजी को लेकर बढ़ी चिंता, जानिए घर में कितने सिलेंडर रखना है कानूनी

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी टकराव के चलते ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़े तनाव ने कई देशों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है।

भारत समेत एशिया के कई देशों तक बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी मार्ग से पहुंचती है। हालांकि हाल के दिनों में भारत के कुछ जहाज इस रास्ते से सुरक्षित गुजर चुके हैं और ईरान ने भी स्पष्ट किया है कि कुछ देशों को छोड़कर अन्य देशों के लिए यह मार्ग खुला रहेगा। इसके बावजूद कई जगहों पर लोगों के बीच गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता देखी जा रही है और कुछ लोग घरों में एलपीजी सिलेंडर जमा करने लगे हैं।

ऐसी स्थिति में यह जानना जरूरी है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर रखने के क्या नियम तय किए गए हैं। नियमों के अनुसार, एक ही पते पर अलग-अलग गैस कंपनियों के कई कनेक्शन लेना अनुमति के दायरे में नहीं आता। यदि किसी उपभोक्ता के पास पहले से किसी कंपनी का कनेक्शन है, तो उसी पते पर दूसरी कंपनी का कनेक्शन लेना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है।

सामान्य तौर पर घरेलू उपयोग के लिए एक पते पर दो एलपीजी सिलेंडर रखने की अनुमति होती है। इनमें से एक सिलेंडर उपयोग में रहता है जबकि दूसरा बैकअप के तौर पर रखा जा सकता है। यदि घर में इससे अधिक सिलेंडर पाए जाते हैं, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।

इसके अलावा, एक परिवार साल भर में सीमित संख्या में सिलेंडर ही बुक कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति बड़ी मात्रा में एलपीजी स्टोर करता है, तो इसे जमाखोरी माना जा सकता है और इसके लिए जुर्माना या कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश में गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।