अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने भारत को लेकर एक विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने ब्राह्मण समुदाय पर रूस से सस्ते तेल खरीदकर मुनाफा कमाने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि इससे भारत के आम लोगों को नुकसान हो रहा है और इसका फायदा सिर्फ “एक छोटे अभिजात्य वर्ग” को मिल रहा है. नवारो का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बढ़ती ट्यूनिंग के बाद आया है, जिसे अमेरिका बेचैनी से देख रहा है.
नवारो ने कहा कि ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला बिल्कुल सही था. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के रिफाइनर रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीदकर उसे प्रोसेस कर महंगे दाम पर बेच रहे हैं, जिससे कुछ गिने-चुने लोग फायदे में हैं. कुछ लोगों का मानना है कि नवारो ने “ब्राह्मण” शब्द का इस्तेमाल अमेरिका में प्रचलित “बोस्टन ब्राह्मण” की तर्ज पर किया है, लेकिन उनके बयान का संदर्भ भारतीय जाति व्यवस्था से ही जुड़ा है.
भारत के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी को लेकर यह आशंका भी जताई जा रही है कि अमेरिका भारत में जातिगत तनाव को भड़काने की रणनीति अपना सकता है. यह कदम उस बौखलाहट का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें अमेरिका भारत को अपने दबाव में नहीं ला पाने से नाराज़ है.









