ऑपरेशन सिंदूर’ पर लोकसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जो निर्दोष नागरिक मारे गए, उन्हें धर्म पूछकर उनके परिवार के सामने मौत के घाट उतारा गया। यह एक अमानवीय और बर्बर कृत्य था। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं और शोकग्रस्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।”
गृह मंत्री ने बताया कि इस हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें तीनों आतंकियों को मार गिराया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “इन आतंकियों की पहचान पूरी तरह पुष्ट होने के बाद ही कार्रवाई की गई। जिन लोगों ने पहले इन आतंकियों को रसद उपलब्ध कराई थी, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके अलावा, जब आतंकियों के शव श्रीनगर लाए गए, तो चार गवाहों ने उनकी पहचान की। घटनास्थल से बरामद कारतूसों से भी यह पुष्टि हुई कि ये आतंकी हमले में शामिल थे।”
मारे गए आतंकियों की पहचान ए-ग्रेड श्रेणी के खतरनाक आतंकियों के रूप में हुई है। गृह मंत्री ने उनके नाम भी साझा किए–
सुलेमान उर्फ फैजल – लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर
अफगान – लश्कर-ए-तैयबा का ए-श्रेणी का आतंकी
जिबरान – ए-ग्रेड का सक्रिय आतंकी ये तीनों आतंकी पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए हमले के मुख्य साजिशकर्ता थे।









