AIIMS दिल्ली ने साल 2025 में मेडिकल क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 10,096 बड़ी सर्जरी और 17,408 छोटे ऑपरेशन किए। इसमें सामान्य, लैप्रोस्कोपिक और 1,000 से अधिक रोबोटिक सर्जरी शामिल थीं। यह देश का पहला अस्पताल है, जिसने एक साल में इतनी बड़ी संख्या में सर्जरी की हैं। AIIMS में जनरल सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, कार्डियक, ऑर्थोपेडिक्स, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, यूरोलॉजी और गायनेकोलॉजी जैसी जटिल सर्जरी की जाती हैं। रोबोटिक सर्जरी में मरीजों को कम कट, कम ब्लड लॉस और तेजी से रिकवरी का लाभ मिल रहा है।
डॉ. वी. के. बंसल ने बताया कि AIIMS अब “मदर ऑफ ट्रांसप्लांट सेंटर” बन चुका है। 2025 में 1,100 से अधिक ट्रांसप्लांट और उससे जुड़ी सर्जरी की गई, जिनमें किडनी और डोनर सर्जरी प्रमुख रही। इलेक्टिव सर्जरी में मृत्यु दर 0.3% और इमरजेंसी सर्जरी में 7.89% रही। एम्स में पेट की सर्जरी सबसे अधिक हुई, जिसमें लिवर, पैंक्रियास और पित्त की नली की सर्जरी 32.5%, हर्निया 13.9%, किडनी ट्रांसप्लांट 11%, ब्रेस्ट सर्जरी 9.9% और कोलोरेक्टल कैंसर 7.9% शामिल हैं।
एम्स में यह आधुनिक और उच्च तकनीकी सर्जरी लगभग निशुल्क की जा रही हैं। साथ ही युवा डॉक्टरों को रोबोटिक और लैप्रोस्कोपिक तकनीक में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे देशभर के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।









