संसद के बजट सत्र के दौरान सियासी टकराव अब डिजिटल मंच तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से जुड़ा एक कथित एआई-निर्मित वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस के संचार विभाग से जुड़े नौ नेताओं को विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) और सदन की अवमानना (Contempt of House) के आरोपों में नोटिस जारी किया है। संबंधित नेताओं को तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो कांग्रेस के कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट द्वारा तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया था। वीडियो की सामग्री को लेकर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद मामला औपचारिक रूप से संज्ञान में लिया गया। जिन नेताओं को नोटिस भेजा गया है, उनमें कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और मीडिया समन्वयक संजीव सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
इस घटनाक्रम पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा साझा की गई सामग्री संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। उनका कहना था कि सदन की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखना सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है। एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह मामला राजनीतिक विमर्श और डिजिटल आचारसंहिता पर नई बहस छेड़ सकता है। अब सबकी नजर कांग्रेस की ओर से दिए जाने वाले आधिकारिक जवाब पर टिकी है, जो तय करेगा कि यह विवाद आगे किस दिशा में बढ़ेगा।









