राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस से जुड़े दो और कार्यकर्ताओं—गिरधर और कुबेर मीणा—को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों घटना के बाद से फरार थे और तकनीकी निगरानी के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तारी की गई।
अब तक इस प्रकरण में Indian Youth Congress के कुल 14 सदस्यों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य संदिग्धों की तलाश में विभिन्न राज्यों में छापेमारी जारी है। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की एक टीम हिमाचल प्रदेश की राजधानी Shimla पहुंची, जहां एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के तीन नेताओं को पकड़ा गया। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। बाद में अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को दिल्ली ले जाया गया।
जांच अब फंडिंग एंगल पर भी केंद्रित है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन के लिए जुटाई गई राशि का स्रोत संदिग्ध हो सकता है। बैंक खातों की पड़ताल में कुछ खातों में 35 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम जमा होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं यह धन किसी चुनावी गतिविधि से बचा हुआ तो नहीं था।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की तैयारियों—जैसे टी-शर्ट, प्लेकार्ड और अन्य सामग्री—पर लगभग 35 हजार रुपये खर्च हुए। 20 फरवरी को Bharat Mandapam में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुए इस घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।









