नेपाल में मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। देश की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव सामने आया है। यह प्रस्ताव Gen-Z द्वारा एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान रखा गया, जिसमें करीब 5000 लोग शामिल हुए थे। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सुशीला कार्की के नाम पर आम सहमति बनी।
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रही हैं और देश में न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए उनका कार्यकाल ऐतिहासिक माना जाता है। अब उनका नाम देश की अंतरिम सरकार के नेतृत्व के लिए सामने आना एक अहम राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल
नेपाल इस समय गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और करीब 10 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। देश की सत्ता फिलहाल नेपाली सेना के हाथों में है।
हिंसा और जन-आंदोलन
सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ भड़की हिंसा ने विकराल रूप ले लिया है। अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैंकड़ों लोग घायल हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास, और कई मंत्रियों के घरों में आग लगा दी है। आम नागरिकों के घर भी जलकर खाक हो गए हैं।
सबसे दर्दनाक घटना उस समय हुई जब एक पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी को उपद्रवियों ने जिंदा जला दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके अलावा, कई हवाई अड्डों पर भी तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं।
अरबों का नुकसान
हिंसा और आगजनी से देश की आर्थिक स्थिति को भारी नुकसान हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक अरबों का नुकसान हो चुका है।
अगला कदम क्या होगा?
ऐसे हालात में Gen-Z के प्रस्ताव पर देश की अंतरिम सरकार की अगुवाई सुशीला कार्की करेंगी या नहीं, इस पर अब सेना और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। लेकिन यह साफ है कि नेपाल एक नए नेतृत्व और स्थिरता की ओर देख रहा है।









