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केंद्र सरकार ने 11 साल बाद बढ़ाई वकीलों की फीस, अब हर केस पर मिलेगा अधिक भुगतान

केंद्र सरकार ने देशभर में अपनी पैरवी करने वाले वकीलों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। लंबे 11 साल के इंतजार के बाद सरकार ने वकीलों की फीस बढ़ा दी है, जिससे हजारों वकीलों को लाभ मिलेगा। यह बदलाव 5 फरवरी को कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया।

नई व्यवस्था के अनुसार, ग्रुप ए के वकीलों को जो नियमित अपील या अंतिम सुनवाई में सरकार का पक्ष रखते हैं, अब प्रति केस प्रति दिन 21,600 रुपये मिलेंगे। इससे पहले उन्हें 13,500 रुपये ही मिलते थे। वहीं, ग्रुप बी और ग्रुप सी के वकीलों की फीस भी बढ़कर 14,400 रुपये प्रति केस हो गई है, जबकि पहले यह 9,000 रुपये थी। इसके अलावा, अन्य श्रेणियों के मामलों और मंत्रालयों के साथ बैठक में शामिल होने वाले वकीलों की फीस में भी वृद्धि की गई है।

कानून मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी जरूरी थी, क्योंकि पिछले दशक में महंगाई और पेशेवर सेवाओं की लागत काफी बढ़ गई थी। लॉ कमीशन ऑफ इंडिया की सदस्य सचिव अंजू राठी राणा ने कहा कि यह बदलाव लंबित मुद्दों में से एक था और अब इसे लागू कर देना वकीलों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बढ़ोतरी से अदालतों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए योग्य और अनुभवी वकीलों को बनाए रखना आसान होगा।

वकीलों के अनुसार, यह कदम न केवल उनकी मेहनत और समय का उचित मूल्यांकन है, बल्कि पेशे में स्थिरता और प्रेरणा बढ़ाने वाला भी है। सरकार की यह पहल वकीलों के लिए एक दशक से लंबित मांग को पूरा करने जैसी है, जो अब वास्तविकता बन गई है।