अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने की घोषणा की। मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगान शहरों—काबुल, कंधार और पक्तिका—पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई। अफगान वायुसेना ने इस्लामाबाद के पास फैसलाबाद, नौशेरा आर्मी कैंटोनमेंट, जमरूद की सैन्य कॉलोनी और एबटाबाद में कई ठिकानों को निशाना बनाया। अफगान दावा है कि पाकिस्तान के कई अहम ठिकानों और केंद्रों को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि इस हमले में पाकिस्तान के आर्मी चीफ के सलाहकार आशिक की मौत हुई।
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने चेतावनी दी कि ये सिर्फ शुरुआत है और आगे और बड़े शहरों पर हमले किए जाएंगे। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि अब पाकिस्तान का सब्र खत्म हो गया है और स्थिति खुले युद्ध जैसी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि देश चाहता था कि नाटो सेना के जाने के बाद अफगानिस्तान में शांति बनी रहे, लेकिन अब शांति भंग हो गई।
दोनों देशों ने हमलों में हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे किए हैं। अफगानिस्तान का कहना है कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और कुछ को पकड़ लिया गया, जबकि उनके आठ सैनिक मारे गए और 11 घायल हुए। पाकिस्तान का दावा है कि तालिबान के 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए, जबकि उनके सिर्फ दो सैनिक मारे गए और तीन घायल हुए। सीमा पर झड़पों के बाद टोरखम बॉर्डर पर कई अफगान शरणार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पिछले साल करीब 29 लाख लोग पाकिस्तान से अफगानिस्तान लौटे, जबकि इस साल अब तक लगभग 80 हजार लोग लौट चुके हैं।









