प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ब्रिटेन में रहने वाले इस्लामिक प्रचारक मौलाना शम्सुल हुदा खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन पर धार्मिक शिक्षा की आड़ में कट्टरपंथ फैलाने और अवैध फंडिंग का आरोप है। यह मामला PMLA के तहत विदेश में रह रहे किसी धार्मिक उपदेशक के खिलाफ पहली कार्रवाई के रूप में दर्ज किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, शम्सुल हुदा खान ने मदरसों के नेटवर्क के माध्यम से धन एकत्रित किया और यूके तथा पाकिस्तान के कट्टरपंथी संगठनों से संबंध बनाए। उन्होंने आजमगढ़ और संत कबीर नगर में दो मदरसे स्थापित किए, जिनका बाद में रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, शम्सुल खान ने साल 2013 में ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त करने के बाद भी भारत में शिक्षक के रूप में वेतन लेते रहे और नियमित रूप से देश में आते-जाते रहे। साथ ही उनके पाकिस्तान के चरमपंथी संगठनों से संबंधों की भी जांच की जा रही है। ED अब उनके फंडिंग नेटवर्क, विदेशी संबंध और संपत्तियों का पूरा लेखा-जोखा जुटा रही है। एजेंसी का दावा है कि शम्सुल हुदा खान धार्मिक शिक्षा का उपयोग कर कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे थे।









