Himachal Shimla

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति वाला व्यक्ति दोबारा नौकरी पाने का हकदार: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एक पेंशनधारक पूर्व पुलिसकर्मी प्रेमलाल राव के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है. प्रेमलाल राव 1986 में कांस्टेबल के पद पर पुलिस विभाग में शामिल हुए थे और बाद में 2010 में सहायक उप निरीक्षक बन गए. 2012 में उन्होंने अपनी इच्छा से नौकरी छोड़ दी, यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली. इसके बाद 2014 में उन्होंने पंजाब पुलिस नियम 12.25 के आधार पर दोबारा नौकरी में वापसी के लिए आवेदन किया, लेकिन पुलिस विभाग ने उनका आवेदन ठुकरा दिया. विभाग का कहना था कि यह नियम उन पर लागू नहीं होता क्योंकि उन्होंने खुद ही नौकरी छोड़ी है.

इस फैसले के बाद प्रेमलाल राव ने कोर्ट का रुख किया. हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि यह नियम केवल उन कर्मचारियों के लिए नहीं है जिन्हें जबरन नौकरी से हटाया गया हो, बल्कि स्वेच्छा से सेवा छोड़ने वाले कर्मचारी भी इस नियम के तहत दोबारा नौकरी पाने के हकदार हैं. अदालत ने पुलिस विभाग को आदेश दिया है कि वे दो हफ्तों के अंदर प्रेमलाल राव के आवेदन पर फिर से विचार करें और उन्हें नौकरी पर वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करें. यह फैसला पुलिसकर्मियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब वे अपनी पेंशन के साथ दोबारा सरकारी नौकरी पाने का अधिकार रखेंगे, चाहे उन्होंने स्वेच्छा से सेवा क्यों न छोड़ी हो.