गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में नया मंत्रिमंडल गठित हो गया है। गांधीनगर में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुख्यमंत्री समेत 26 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस नए मंत्रिमंडल में 19 नए चेहरे शामिल किए गए हैं, जबकि हर्ष संघवी को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल के सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया था।
🔹 तीन महिलाओं को मंत्रिमंडल में मिली जगह
नए मंत्रिमंडल में तीन महिला विधायकों को भी स्थान दिया गया है। जिन विधायकों को मंत्री बनाया गया है, उनमें त्रिकम बीजल चांगा, स्वरूपजी ठाकोर, प्रत्रवणकुमार गोर्धनजी माली, ऋतिकेश गणेशभाई पटेल, पीसी बराड़ा, दर्शना वाघेला, कांतीलाल अमृतिया, वरजीभाई बावलिया, रिवाबा जाडेजा, अर्जुन मोढवाडिया, प्रद्युमन वाजा, कौशिक वेकरिया, परशोत्तम सोलंकी, जितेंद्र वाघाणी, रमण सोलंकी, कमलेश पटेल, संजयसिंह महीडा, रमेश कटारा, मनीषा वकील, ईश्वरसिंह पटेल, प्रफुल पानसेरिया, हितेश सांघवी, जयाराम गामित, नरेश पटेल और कनुभाई देसाई शामिल हैं।
🔹 क्यों हुआ मंत्रिमंडल विस्तार?
गुजरात में 2027 विधानसभा चुनाव और अगले साल जनवरी में नगर पंचायत चुनाव होने हैं। ऐसे में इस कदम को भाजपा की चुनावी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। 2022 के बाद से मंत्रिमंडल में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ था, इसलिए इस फेरबदल को युवाओं और अनुभवी नेताओं के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, जून में विसावदर सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मंत्रिमंडल विस्तार को संगठनात्मक सुधार से भी जोड़ा जा रहा है।
🔹 समाजिक समीकरण
नए मंत्रिमंडल में पटेल समाज से 7 मंत्री, ओबीसी वर्ग से 8, एससी वर्ग से 3 और एसटी समुदाय से 4 मंत्री शामिल किए गए हैं। इस कदम से भाजपा ने विभिन्न वर्गों के बीच सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।
🔹 नए चेहरों की एंट्री
मंत्रिमंडल में पोरबंदर के अर्जुन मोढवाडिया, जामनगर की रिवाबा जाडेजा, अंकलेश्वर के ईश्वरसिंह पटेल, भावनगर पश्चिम के जितू वाघाणी, गणदेवी के नरेश पटेल, धोलका के पीसी बरंडा, मोरबी के कांतिलाल अमृतिया, अमरेली के कौशिक वेकरिया, और फतेपुरा के रमेश कटारा सहित कुल 19 नए विधायकों को मौका दिया गया है।
गुजरात विधानसभा में कुल 182 सदस्य हैं, और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, मंत्रिमंडल में अधिकतम 27 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ अब राज्य का मंत्रिमंडल पूरी क्षमता से कार्य करेगा।









