झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब जमशेदपुर के घाटशिला अनुमंडल अंतर्गत बहरागोड़ा क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी के किनारे एक विशाल और सक्रिय बम बरामद हुआ। यह खतरनाक वस्तु पानीपड़ा-नागुड़साई इलाके में बालू की खुदाई के दौरान जमीन के अंदर से सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह करीब 500 पाउंड (लगभग 227 किलोग्राम) वजनी बम है, जिस पर “AN-M64” और “Made in America” अंकित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (UXO) है, जो संभवतः द्वितीय विश्व युद्ध के समय का हो सकता है और अब तक निष्क्रिय नहीं हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बम का आकार गैस सिलेंडर जैसा है और यह रेत के नीचे दबा हुआ था। इसके मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तुरंत पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा बढ़ा दी गई। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है।
जिला प्रशासन ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला मानते हुए रांची से बम निरोधक दस्ते और सेना की टीम को बुलाया है। अधिकारियों का कहना है कि इतने पुराने होने के बावजूद यह बम अभी भी बेहद खतरनाक हो सकता है, इसलिए इसे निष्क्रिय करने की प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में ही की जाएगी। फिलहाल इलाके में हाई अलर्ट जारी है और आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करना और किसी भी संभावित खतरे को टालना है।









