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छोले-कुलचे बेचने वाले के बेटे ने पाकिस्तान के खिलाफ 80 गेंदों में ठोका शतक

क्रिकेट की दुनिया में अक्सर बड़े खिलाड़ियों के बच्चों की चर्चा होती है, लेकिन कई बार साधारण परिवारों से आने वाले खिलाड़ी भी अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींच लेते हैं। ऐसा ही कुछ भारतीय अंडर-19 टीम के बल्लेबाज अर्जुन राजपूत ने कर दिखाया है। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में अर्जुन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 80 गेंदों में शतक जड़ दिया। उनकी इस पारी ने भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर प्रतिभा और मेहनत की ताकत को दिखाया है।

अर्जुन की यह सेंचुरी इसलिए भी खास रही, क्योंकि जब वह बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे तो भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में थी। टीम महज 42 रन के स्कोर पर अपने चार अहम विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे समय में अर्जुन ने जिम्मेदारी संभाली और पाकिस्तानी गेंदबाजों का डटकर सामना किया।

12वें ओवर में क्रीज पर पहुंचे अर्जुन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने अपनी चौथी गेंद पर चौका लगाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। इसके बाद उन्होंने रिजवानुल्लाह और निकाब शफीक जैसे गेंदबाजों के खिलाफ खुलकर शॉट खेले। अली रजा की गेंदों पर भी अर्जुन ने शानदार प्रहार किए। अपनी शतकीय पारी के दौरान उन्होंने 11 चौके और 4 छक्के लगाए।

कौन हैं अर्जुन राजपूत?

अर्जुन राजपूत पंजाब के जालंधर के रहने वाले हैं। उनके पिता होती राम ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। परिवार की आजीविका के लिए उनके पिता छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाते थे। अर्जुन ने हरभजन सिंह क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण लिया और अपनी मेहनत के दम पर पंजाब अंडर-16 टीम की कप्तानी भी की। वीनू मांकड़ ट्रॉफी और कूच बिहार ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें अंडर-19 टीम में जगह मिली। खास बात यह है कि अर्जुन केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि ऑफ स्पिन गेंदबाजी में भी माहिर हैं। पिछले मुकाबले में उन्होंने महज 8 रन देकर 3 विकेट हासिल किए थे। पाकिस्तान के खिलाफ उनका शतक उनके क्रिकेट करियर का यादगार प्रदर्शन बन गया है।