जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) को बड़ा झटका लगा है। श्रीनगर से लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी और संसद में अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अपने सिद्धांतों और चुनावी वादों से पीछे हट गई है। मेहदी ने बडगाम स्थित ज़हरा पार्क में आयोजित एक जनसभा के दौरान यह घोषणा की। यह कार्यक्रम उनके पिता आगा सैयद मेहदी की पुण्यतिथि पर आयोजित किया गया था। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार 2024 के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। खासतौर पर अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली को लेकर पार्टी ने जनता से जो उम्मीदें जगाई थीं, उन्हें पूरा नहीं किया गया।
अपने संबोधन में मेहदी ने कहा कि उनके लिए यह फैसला आसान नहीं है, लेकिन वह इसे जरूरी मानते हैं। उन्होंने उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता की कुर्सी हासिल करना ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि जनता का सम्मान और भरोसा ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना सिर केवल अल्लाह के सामने झुकाते हैं और किसी राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। आगा रुहुल्लाह मेहदी को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मुखर विरोधी माना जाता है। वह 2009 से 2014 तक विधायक रहे और बडगाम विधानसभा सीट से तीन बार जीत दर्ज कर चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने PDP उम्मीदवार वहीद पारा को 1.8 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराकर श्रीनगर सीट पर कब्जा किया था। उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। समर्थकों ने उनके फैसले का स्वागत किया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मेहदी आगे किस राजनीतिक विकल्प को चुनते हैं या अपनी नई पार्टी बनाते हैं।


