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दिल्ली पुलिस में विरोध प्रदर्शन के बाद कार्रवाई, ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड; 150 पुलिसकर्मियों ने उठाई थी आवाज

दिल्ली पुलिस में अपने ही विभाग के फैसले के खिलाफ विरोध जताना एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को महंगा पड़ गया। पुलिस मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि सोमवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन में करीब 150 पुलिसकर्मी शामिल हुए थे। इनमें महिला पुलिस अधिकारी भी मौजूद थीं। सभी पुलिसकर्मी शाहदरा विवाद के बाद किए गए दो अधिकारियों के तबादले को रद्द करने की मांग कर रहे थे। दरअसल, शाहदरा पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और एक इंस्पेक्टर का दूसरी जगह तबादला कर दिया था। इस फैसले से पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी नाराज थे।

इसी नाराजगी के चलते सोमवार को बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पुलिस मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए और विभाग के फैसले के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में शामिल पुलिसकर्मियों का कहना था कि जिन दो अधिकारियों का तबादला किया गया है, उन्हें दोबारा उनकी पुरानी पोस्टिंग पर भेजा जाना चाहिए। उनकी मांग थी कि विभाग अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और दोनों अधिकारियों को पहले की तरह जिम्मेदारी सौंपी जाए। इस प्रदर्शन में महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी खास चर्चा का विषय रही। करीब 150 पुलिसकर्मियों के एक साथ सामने आने से विभाग के भीतर असंतोष की स्थिति उजागर हुई।

वहीं, प्रदर्शन के बाद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, विभाग की ओर से निलंबन के विस्तृत कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। अब इस कार्रवाई के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। खासतौर पर यह चर्चा हो रही है कि आखिर विभाग के फैसले के विरोध में हुए प्रदर्शन में एसीपी की भूमिका क्या थी और उनके खिलाफ निलंबन का फैसला किन आधारों पर लिया गया।