देशभर में एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ओवरस्पीडिंग के चालान और यातायात नियमों को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने अधिकारियों को गति सीमा से जुड़े चालान जारी करने के संबंध में निर्देश देने की बात कही। हालांकि, वाहन चालकों को इसे हर एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार की छूट नहीं समझना चाहिए। निर्धारित गति सीमा और स्थानीय नियमों का पालन करना जरूरी है।
गडकरी ने लेन अनुशासन पर जोर देते हुए बताया कि नेशनल हाईवे पर AI आधारित ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाने की योजना है। पहले चरण में करीब 10 हजार किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे यातायात की निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने बिहार में बाढ़ की समस्या को लेकर नदियों की ड्रेजिंग कराने की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बिहार सरकार के साथ समझौता किया जाएगा। नदियों से निकलने वाली गाद और मिट्टी का इस्तेमाल हाईवे निर्माण में किया जा सकता है। इससे निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ बाढ़ की समस्या कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा, गडकरी ने जैव ईंधन और फ्लेक्स फ्यूल को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। ई-20 पेट्रोल को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने आरोप लगाया कि इसके खिलाफ पेड प्रोपेगेंडा चलाया गया। उन्होंने वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता घटाने पर भी जोर दिया।


