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वोटर लिस्ट में ‘रामहित यादव’ का नाम कैसे बना ‘राम ने यादव को मारा’? चुनाव आयोग ने बताई वजह

झांसी-इलाहाबाद खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में नामों से जुड़ी कई चौंकाने वाली गलतियां सामने आई हैं। मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इन गड़बड़ियों को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि पहली बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की गई थी। इसी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी खामियों और मानवीय लापरवाही के कारण कुछ नाम गलत दर्ज हो गए।

14.81 लाख मतदाताओं की सूची में 158 नाम प्रभावित

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, मतदाता सूची में कुल 14 लाख 81 हजार 310 मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इनमें 158 नाम ऐसे पाए गए, जिनमें मतदाताओं या उनके परिजनों के नाम गलत तरीके से दर्ज किए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन में अंग्रेजी में लिखे नामों को हिंदी में उच्चारण के आधार पर लिखना था, लेकिन कुछ मामलों में सॉफ्टवेयर ने नामों का अर्थ ही बदल दिया। उदाहरण के तौर पर, ‘रामहित यादव’ जैसे नाम का गलत अनुवाद होने से उसका अर्थ पूरी तरह बदल सकता है। कुछ आवेदनों में पिता के नाम वाले कॉलम में ‘बीकॉम’ तक दर्ज हो गया।

जांच में लापरवाही पर अधिकारियों से जवाब तलब

नवदीप रिणवा ने बताया कि मतदाता सूची में संशोधन की व्यवस्था होने के बावजूद गलतियां कैसे रह गईं, इसकी जांच की जा रही है। इस संबंध में झांसी के मंडलायुक्त और संबंधित 10 जिलों के जिलाधिकारियों से जवाब मांगा गया है। अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने का उद्देश्य जिम्मेदारी तय करने से पहले गलतियों के कारणों का पता लगाना है।

गलत नाम के कारण वोट देने से न रोकें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि नाम में त्रुटि होने के कारण किसी भी पात्र मतदाता को मतदान करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। वहीं, एक ही व्यक्ति का नाम कई जगह दर्ज होने की शिकायतों पर उन्होंने स्पष्ट जानकारी नहीं दी। मतदाता सूची में नाम की गलती की शिकायत के लिए झांसी मंडलायुक्त कार्यालय में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। मतदाता 0510-2443313 पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।