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CJP नेताओं की रिहाई पर फिर लगा ब्रेक, SEM को धमकी मिलने पर दर्ज हुई FIR

कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई का मामला लगातार पांचवें दिन भी सुलझ नहीं सका। दोनों नेता 14 अक्टूबर से न्यायिक हिरासत में हैं। रविवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में उनकी रिहाई से जुड़ी सुनवाई हुई, लेकिन विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) को धमकी मिलने और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत के बाद कार्यवाही कुछ ही मिनटों में समाप्त हो गई।

CJP के प्रतिनिधियों के मुताबिक, SEM दोपहर करीब 1:30 से 2 बजे के बीच पुलिस स्टेशन पहुंचे, जबकि सुनवाई शाम करीब 5 बजे शुरू हुई। पार्टी का आरोप है कि 15 अक्टूबर से जमानत बॉन्ड जमा करने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद रिहाई की प्रक्रिया लगातार टल रही है। संगठन ने दावा किया कि अलग-अलग चरणों में नई आपत्तियां उठाई गईं, जिसके कारण नेताओं को इंतजार करना पड़ा।

सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया कि CJP नेता अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका एक और विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे थे। इसके लिए पुलिस ने दिपके के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने पार्टी की आगे की रणनीति तय करने की बात कही थी। हालांकि, CJP के प्रवक्ता ने विरोध प्रदर्शन की किसी योजना से इनकार किया।

मामले में नया मोड़ तब आया, जब पुलिस अधिकारी ने बताया कि SEM महेश कुमार मीना को दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में रखने के कारण धमकियां मिल रही हैं और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि SEM को मिली धमकियों की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। फिलहाल, दोनों नेताओं की रिहाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।