National

कौन हैं प्रल्हाद जोशी? पांच बार के सांसद को मिली शिक्षा मंत्रालय की कमान

देशभर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद वेंकटेश जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। राष्ट्रपति भवन की अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रल्हाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी है।

प्रल्हाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हैं। कर्नाटक के धारवाड़ लोकसभा क्षेत्र से वे लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं। वर्ष 2004 में पहली बार लोकसभा पहुंचे जोशी ने इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में भी जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की।

उनकी राजनीतिक यात्रा कर्नाटक से शुरू हुई, जहां उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई। 1990 के दशक में हुबली के ईदगाह मैदान विवाद के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने से जुड़े आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें राज्य की राजनीति में अलग पहचान दिलाई। बाद में वर्ष 2012 से 2016 तक उन्होंने भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

संसद और केंद्र सरकार में दो दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले प्रल्हाद जोशी प्रशासनिक क्षमता और संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते हैं। अब शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे नई शिक्षा नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है