हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव के लिए लागू आचार संहिता के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में राज्यभर में दुकानों को अब 24 घंटे खोलने की अनुमति देने का बड़ा फैसला किया गया है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट ने कॉलेज प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 63 वर्ष करने को भी मंजूरी दी। इसके साथ ही फिशिंग सेक्टर में रॉयल्टी दर को 7 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया, जिसकी घोषणा पहले बजट सत्र में की गई थी।
सरकारी कर्मचारियों और विभिन्न वर्गों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। मिड-डे मील वर्कर, एसएमसी और मल्टी टास्क वर्कर के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई है। जिन महिलाओं की वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है, उन्हें हर महीने 1500 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। पंचायत चौकीदार के मानदेय में 500 रुपये और सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क वर्करों का वेतन 5,500 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये किया गया है।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी कई अहम मंजूरियां दी गईं। पुलिस विभाग में क्लर्क के 12 पद, 105 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर, एपीआरओ के 4 पद और आईटीआई में 94 क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति को स्वीकृति मिली। वहीं राज्य के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में 1,500 पदों और जेओए आईटी के 500 पदों को भरने का फैसला लिया गया। इसके अलावा, हिम चंडीगढ़ एयरोसिटी परियोजना के लिए 8,000 बीघा भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी गई। साथ ही प्रशासनिक सुधारों के तहत जिलों, उपमंडलों और ब्लॉकों के पुनर्गठन का निर्णय भी कैबिनेट बैठक में लिया गया।









