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ओलंपिक मेजबानी, AI और सेमीकंडक्टर: पीएम मोदी के 4 बड़े विज़न; जो बदल सकते हैं भारत की वैश्विक पहचान

नीदरलैंड्स की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की आकांक्षाएं अब केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर नई दिशा तय कर रही हैं। हेग में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत के विकास, तकनीकी प्रगति और आर्थिक क्षमता को दुनिया के सामने रखा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत चार प्रमुख लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है—वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना, हरित ऊर्जा का वैश्विक हब बनना, दुनिया की आर्थिक वृद्धि का इंजन बनना और भविष्य में ओलंपिक की मेजबानी करना। उन्होंने कहा कि देश में युवाओं की ऊर्जा और नवाचार क्षमता इन लक्ष्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

नरेंद्र मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजाइन इन इंडिया’ पर जोर देते हुए बताया कि भारत अब सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से दो उत्पादन शुरू कर चुकी हैं। इससे भारत तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम बढ़ा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है, जबकि एक दशक पहले देश बड़े पैमाने पर मोबाइल आयात करता था। यह बदलाव भारत की नवाचार क्षमता और औद्योगिक प्रगति का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इकोसिस्टम की भी सराहना की, जिसमें भारत अब दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्रों में युवा नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

हरित ऊर्जा के क्षेत्र पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के सौर पार्क दुनिया के सबसे बड़े सौर प्रोजेक्ट्स में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 2014 के बाद से भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 53 गुना से अधिक बढ़ी है, जो देश की ऊर्जा क्रांति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है, बल्कि वैश्विक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।