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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान में वार्ता पर संकट, शर्तों ने बढ़ाई मुश्किलें

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित संघर्ष विराम वार्ता शुरू होने से पहले ही अनिश्चितता के घेरे में आ गई है। दोनों देशों के बीच बढ़ते अविश्वास ने बातचीत की राह को जटिल बना दिया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट कर दिया है कि Donald Trump की तय ‘रेड लाइन’ में कोई बदलाव नहीं होगा और अमेरिका ईरान की शर्तों के आगे नहीं झुकेगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कई घंटे बीतने के बावजूद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, जिसमें JD Vance और Jared Kushner शामिल हैं, ने ईरान के साथ सीधी बातचीत शुरू नहीं की है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने संकेत दिए हैं कि तेहरान अविश्वास के माहौल में ही वार्ता के लिए तैयार है, जिससे पिछले कई हफ्तों से जारी तनाव को खत्म करने की कोशिशें और कठिन हो गई हैं।

स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान की भूमिका मध्यस्थ के रूप में उभरकर सामने आई है। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों से अलग-अलग बातचीत कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि कुछ शर्तें पूरी होने पर त्रिपक्षीय बैठक हो सकती है। ईरान ने वार्ता के लिए कई अहम शर्तें रखी हैं, जिनमें लेबनान में इजरायली हमलों का अंत, मध्य पूर्व में युद्धविराम, और विदेशी बैंकों में जमा उसकी संपत्तियों की रिहाई शामिल है। इन मांगों और आपसी अविश्वास के चलते बातचीत की प्रक्रिया फिलहाल काफी पेचीदा बनी हुई है।