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मिडिल ईस्ट तनाव का असर: हवाई टिकटों में बढ़ोतरी, यात्रियों पर बढ़ा बोझ

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर अब हवाई यात्रियों पर पड़ने लगा है। देश की प्रमुख एयरलाइन Air India ने बढ़ती लागत को देखते हुए अपने फ्यूल सरचार्ज में बदलाव करने का निर्णय लिया है, जिससे आने वाले दिनों में उड़ानों के किराए महंगे हो जाएंगे।

नई दरों के अनुसार, घरेलू उड़ानों के टिकटों में 299 रुपये से लेकर 899 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर यह बढ़ोतरी और अधिक प्रभावी होगी, जहां किराया 2,200 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये तक महंगा हो सकता है। यह संशोधित सरचार्ज 8 अप्रैल से अधिकांश रूट्स पर लागू होगा, जबकि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए नई दरें 10 अप्रैल से प्रभावी होंगी।

एयरलाइन ने घरेलू उड़ानों के लिए दूरी-आधारित सरचार्ज प्रणाली लागू की है, जिससे अलग-अलग दूरी के हिसाब से यात्रियों को अलग शुल्क देना होगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अधिक वृद्धि इसलिए देखी जा रही है क्योंकि वहां फ्यूल कीमतों पर कोई नियामकीय सीमा नहीं है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमतों में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है, जो एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ी लागत चुनौती बन चुकी है। हालांकि, एयर इंडिया का कहना है कि वह इस बढ़ोतरी का पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रही, बल्कि कुछ हिस्सा खुद भी वहन कर रही है। आने वाले समय में यदि ईंधन कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तो हवाई यात्रा और महंगी होने की आशंका बनी हुई है।