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हिंद महासागर में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.2 तीव्रता दर्ज

रविवार सुबह हिंद महासागर में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 4.2 रिक्टर स्केल रही और इसका केंद्र समुद्र तल से लगभग 90 किलोमीटर नीचे था। हालांकि, अभी तक किसी प्रकार के नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है। भूकंप सुबह 5:39 बजे आया और इसे मामूली दर्ज किया गया। इसके चलते क्षेत्र में सुनामी की कोई चेतावनी भी जारी नहीं की गई।

भूकंप की गहराई पृथ्वी की सतह से 700 किलोमीटर तक हो सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसे तीन श्रेणियों में बांटा गया है – उथले (0–70 किलोमीटर), मध्यवर्ती (70–300 किलोमीटर) और गहरे (300–700 किलोमीटर) भूकंप। आम तौर पर 70 किलोमीटर से अधिक गहराई वाले भूकंप को गहरे भूकंप कहा जाता है। इस बार का भूकंप 90 किलोमीटर की गहराई पर आया, इसलिए इसे मध्यवर्ती श्रेणी में रखा जाएगा।

हिंद महासागर का यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से सक्रिय है। यह हालिया घटना समुद्र के नीचे प्लेट टेक्टॉनिक गतिविधियों की चेतावनी देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही यह झटका हल्का था, लेकिन इस क्षेत्र में बड़ी भूकंपीय घटनाओं की संभावना हमेशा बनी रहती है।

इतिहास में इस क्षेत्र में आए सबसे विनाशकारी भूकंपों में 26 दिसंबर 2004 का सुमात्रा-अंडमान भूकंप शामिल है। उस समय 9.2-9.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके कारण हिंद महासागर में विशाल सुनामी उठी। इसकी लहरें 30 मीटर तक ऊँची थीं और यह इंडोनेशिया, भारत, श्रीलंका, थाईलैंड समेत 14 देशों में फैल गई, जिससे करीब 2,28,000 लोगों की जान चली गई। हालांकि इस बार का भूकंप मामूली रहा, यह हमें समुद्री और भौगोलिक सतर्कता की याद दिलाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को हमेशा सुरक्षित रहने के उपाय अपनाने चाहिए।